रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर आरती और डमरू की धुन से होगी मां दुर्गा की आराधना

जबकि पंडाल के अंदर की सज्जा हस्त निर्मित कमल फूल की आकृति से किया जाएगा, जबकि बाहर मुख्य द्वार पर मां के नेत्र की आकृति लगाई जाएगी

News Aroma Media
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रांची : रांची में दुर्गा पूजा (Durga Puja) को लेकर एक से बढ़कर एक पंडाल का निर्माण का निर्माण हो रहा है। रांची के अलबर्ट एक्का चौक स्थित चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति (Chandrashekhar Azad Durga Puja Committee) की ओर से सप्तमी को आरती और डमरू की धुन से मां भगवती की आराधना की जाएगी। यह आराधना बनारस के विद्वान पंडितों की ओर से किया जाएगा।

समिति के अध्यक्ष रमेश सिंह ने मंगलवार को बताया कि कई महीनों से चल रहे पंडाल के निर्माण कार्य को कारीगर मूर्त रूप देने में लगे हुए हैं। पंडाल के अंदर प्रवेश करते ही मां के भक्तों को देवलोक की अनुभूति होगी।

भारत माता के थीम पर भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा

जबकि पंडाल के अंदर की सज्जा हस्त निर्मित कमल फूल की आकृति से किया जाएगा। जबकि बाहर मुख्य द्वार पर मां के नेत्र की आकृति लगाई जाएगी। सनातन धर्म और हिंदुत्व का बोध भक्तों को कराया जाएगा।

मां की प्रतिमा बंगाल के कारीगरों के जरिये बनाया जाएगा। इसमें मां दुर्गा अपने हाथ में पूरे ब्रह्मांड को संभाली हुई है। सिंह ने कहा कि रांची के श्रद्धालुओं के लिए उज्जैन के भजन गायक और दिल्ली के नाट्य मंडल की प्रस्तुति होगी। पंचमी के दिन दिल्ली के कलाकारों के जरिये दुर्गा के नौ रूपों की प्रस्तुति नाटक के माध्यम से होगी।

साथ ही भारत माता के थीम पर भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साथ ही षष्ठी के दिन प्रसिद्ध भजन गायक उज्जैन के गजेंद्र प्रताप सिंह अपने गानों से श्रद्धालुओं को झुमाएंगे। दुर्गोत्सव (Durgautsav) में लगभग 30 लाख रुपए खर्च का अनुमान लगाया गया है।

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