रांची: दस लाख का ईनाम हार्डकोर नक्सली महाराज प्रमाणिक को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस ने शनिवार को सरायकेला जेल भेज दिया है।
इससे पहले उसे मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां उसने कहा कि भविष्य में वह जनता की सेवा करना चाहता है।
उल्लेखनीय है कि दस लाख के इनामी नक्सली जोनल कमांडर महाराज प्रमाणिक ने शुक्रवार को रांची में सरेंडर किया था। सरेंडर के बाद महाराज प्रमाणिक ने लेवी वसूली को लेकर कई राज भी खोले।
साथ ही उसने 40 लाख रुपये लेकर भागने के आरोप को निराधार करार दिया। उसने कहा कि एक साल में वह करीब पांच करोड़ की लेवी वसूलता था।
उन पैसों का बंटवारा जोनल कमिटी, रीजनल कमिटी, सैक और सेंट्रल कमिटी तक होता था। सबसे अधिक लेवी पुल-पुलिया निर्माण, कंस्ट्रक्शन साइट और पेट्रोल पंप से होती थी। उसने कहा कि संगठन के पास पूरी राशि का हिसाब रहता है। ऐसे में उस पर लगाया गया आरोप पूरी तरह से गलत है।
उल्लेखनीय है कि पुलिस को महाराज प्रमाणिक की कई संगीन नक्सली घटनाओं में जोरशोर से तलाश थी।
इसमें सरायकेला जिले के ईचागढ़ क्षेत्र के कुकड़ु हाट में 14 जून 2019 को पुलिस बल पर हुए हमले में पांच पुलिसकर्मियों के शहीद होने का मामला भी शामिल है।
उसके अलावा मार्च 2021 में लांजी में आईईडी धमाके में तीन पुलिसकर्मियों को मारने के मामले में भी पुलिस को महाराज प्रमाणिक की तलाश थी।
इसके वारदातों की लंबी फेहरिस्त की वजह से राज्य की पुलिस के अलावा एनआइए भी उसकी तलाश में जोरशोर से जुटी थी। उसी को लेकर उस पर दस लाख का ईनाम रखा गया था।