जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति का ध्वजवाहक: अर्जुन मुंडा

News Aroma Media
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रांची/नई दिल्ली: केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री और खूंटी सांसद अर्जुन मुंडा ने कहा कि ये हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज हम निरंतर राष्ट्र निर्माण की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

मुंडा मंगलवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में जनजातीय क्रांतिकारियों के योगदान को याद करते हुए मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस (15 नवम्बर) पर “जनजातीय गौरव दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय कैबिनेट में लिया।

सरकार के इस अभूतपूर्व निर्णय से जनजाति गौरव दिवस के रूप में जनजातीय समाज को अपने गौरवमयी संघर्षमयी इतिहास का सम्मान मिला है।

जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति का ध्वजवाहक है। जिन जनजातीय समुदायों के जननायकों ने स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के अन्याय एवं अत्याचार के विरुद्ध संग्राम का बिगुल फुंककर अपने प्राण भारत माता के चरणों में अर्पित किये।

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आज उन्हीं जनजातियों के विकास और कल्याण की दिशा में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किये जा रहे चहुंमुखी प्रयास उनके अमर बलिदानों को राष्ट्र की सच्ची श्रद्धांजलि है।

उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि 24 अक्तूबर 2021 को मन की बात में प्रधानमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा के सम्बन्ध में कहा था-

भगवान बिरसा मुंडा ने जिस तरह अपनी संस्कृति, अपने जंगल, अपनी जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया, वो धरती आबा ही कर सकते थे।

उन्होंने हमें अपनी संस्कृति और जड़ों के प्रति गर्व करना सिखाया। इसी क्रम में उन्हें सम्मान देते हुए प्रधानमंत्री ने 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित कर दिया, जो बहादुर आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को समर्पित है ताकि आने वाली पीढ़ियां देश के लिए उनके बलिदानों के बारे में जान सके।

यह तारीख भगवान बिरसा मुंडा की जयंती है, जिन्हें देश भर के आदिवासी समुदायों द्वारा भगवान के रूप में सम्मानित किया जाता है।

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