मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया ऐलान, अब राज्य में किसी को कफन खरीदने की नहीं होगी जरुरत

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रांची: Lockdown Jharkhand CM हेमंत सोरेन ने ऐलान किया कि अब राज्य में किसी को कफन खरीदने की जरुरत नहीं होगी, राज्य सरकार मुफ्त में कफन मुहैय्या कराएगी।

कोरोना काल में लोगों की मौत होने पर कफन मिलने में हो रही परेशानी को देखते हुए CM ने आज ये ऐलान किया है।

CM हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड देश का पहला राज्य होगा, जो तीसरी लहर से निपटने के लिए अभी से प्रारंभिक तैयारी में जुट गया है।

लोगों को संक्रमण से बचाने के साथ ही इससे निपटने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

लॉकडाउन बढ़ाने के मुद्दे पर राज्य सरकार मौजूदा हालात पर विचार-विमर्श कर फैसला लेगी। वहीं ई-पास व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की कोशिश जारी है।

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(स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह) को सख्ती के साथ आगे भी जारी रखने की सलाह

झारखंड में कोरोना के नए मरीजों में कमी आयी है। पिछले दस दिनों से लगातार जितने मरीज मिल रहे हैं, उनसे ज्यादा स्वस्थ होकर लौट रहे हैं।

सरकार की तरफ उठाये गये बड़े कदमों और लोगों की सतर्कता और जागरुकता के कारण कोरोना की चेन को तोड़ने में काफी हद तक सफलता मिली है।

CM हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के तहत लागू पाबंदियों और लॉकडाउन बढ़ाने पर मौजूदा हालात को ध्यान में रखकर फैसला लेगी।

उन्होंने कहा कि हम संक्रमण को काबू कर पाने में आगे की तरफ बढ़ रहे हैं।

राज्य में पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कमी हुई है यह एक अच्छी और सुखद अनुभव का एहसास करा है की हम जल्द ही संक्रमण की चेन तोड़ने में सफल होंगे।

इस बैठक में कई मंत्री ने राज्य में लागू लॉकडाउन Lockdown (स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह) को सख्ती के साथ आगे भी जारी रखने की सलाह दी।

CM सोमवार को कोरोना संक्रमण से निपटने को लेकर कैबिनेट मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक को संबोधित कर रहे थे।

झारखंड में फिर बढ़ेगा Lockdown, CM हेमंत सोरेन ने कहा- E-PASS व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की कोशिश

CM ने कहा कि हमारी सरकार ने 24 अप्रैल 2021 से स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह का निर्णय लिया जो काफी प्रभावी और सकारात्मक साबित हो रहा है।

CM ने कहा कि संक्रमण की दूसरी लहर का आभास पहले से था परंतु देश में लॉकडाउन को लेकर असमंजस की स्थिति रही।

अंततः राज्यों ने अपने स्तर पर निर्णय लेते हुए लॉकडाउन किया।

राज्य सरकार की चिंता जीवन और जीविका दोनों की रही है।

यही कारण है कि स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को तीन बार बढ़ाया गया किंतु प्रत्येक बार आम लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए निर्णयों में फेरबदल किए गए।

CM ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान अंतर्राज्यीय मूवमेंट तो बंद किया ही साथ ही साथ इंटर डिस्ट्रिक्ट मोमेंट पर भी ई-पास की व्यवस्था बनाई।

CM ने कहा कि चूंकि झारखंड के 24 जिलों में 23 जिले किसी न किसी राज्य के बॉर्डर क्षेत्र पर हैं। इसलिए थोड़ी कड़ाई आवश्यक थी।

आज हम यह कह सकते हैं कि राज्य अच्छे निर्णयों के साथ आगे बढ़ रहा है और हम संक्रमण दर को 50% से ज्यादा कम करने में सफल हुए हैं।

राज्यवासियों को संक्रमण से बचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। हम कोरोना संक्रमण के तीसरे लहर की आशंका को देखते हुए तैयारी में लगे हैं।

राज्य सरकार तीसरे लहर को नियंत्रित करने निमित्त विशेषज्ञों तथा विशेषज्ञ शिशु रोग चिकित्सकों के सुझाव के साथ आगे की कार्य योजना बना रही है।

Lockdown बढ़ाने को लेकर ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को एक सप्ताह बढ़ाए जाने की जरूरत है।

उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में उपचार के जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाने की बात कही।

मंत्री बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख भी इसके समर्थन में हैं। वहीं मिथिलेश ठाकुर ने भी स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को एक सप्ताह और बढ़ाए जाने को लेकर सहमति जताई है।

हेमंत सोरेन ने कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर झारखंड के लिए काफी घातक साबित हुई।

अभी पहली लहर से राज्य ठीक से ऊबर भी नहीं पाया था, इस बीच दूसरी लहर ने काफी चोट पहुंचाने का काम किया।

इस दौरान राज्य के लोगों ने अपने कई अपने, सगे-संबंधी और परिचितों को खो दिया।

लेकिन राज्य की भौगोलिक परिस्थिति, प्राकृतिक वातारण और सामाजिक व्यवस्था इस तरह से बनी है कि यहां के लोग मुश्किलों में भी घबराते नहीं है, बल्कि उसका डटकर सामना करते है।

ज़रूरत पड़ने पर कड़े फ़ैसले लेने से भी नहीं हिचक रही सरकार

इधर CM ने रविवार को ट्वीट करके कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के अन्तर्गत पहले आंशिक लॉकडाउन एवं अभी किए जा रहे कड़ाई से हमें कोरोना के ख़िलाफ़ संघर्ष में बड़ी सफलता मिलती दिख रही है।

जीविका और जीवन के इस लड़ाई में हम पूरी सावधानी से दोनों को बचाने के लिए कार्य कर रहे हैं एवं ज़रूरत पड़ने पर कड़े फ़ैसले लेने से भी नहीं हिचक रहे हैं।

शहरों में जहां हमें कोरोना के संक्रमण की चेन तोड़ने में सफलता मिली है वहीं अब सरकार ज़्यादा ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों को ज़्यादा से ज़्यादा सुरक्षित करने पर है।

वैक्सीनेशन कार्य को सरल और सुगम बनाने की ज़रुरत

ई पास की जटिलताओं को थोड़ा सरल करने की आवश्यकता है।

प्रेस-मीडिया तथा विभिन्न कंपनियों में कार्यरत लोगों को संस्थाओं द्वारा निर्गत पास को ही ईपास का दर्जा दिया जाए।

मंत्री बन्ना गुप्ता ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किए जाने की बात कही।

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन कार्य को सरल और सुगम बनाए जाने की बात कही। स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को बढ़ाए जाने पर उन्होंने सहमति जताई।

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