बिहार में यहां बिना पहचान पत्र के भी लगेगा कोरोना का टीका, बुजुर्ग, साधु-संत, कैदी, वृद्धाश्रम में रहने वाले लोग, भिखारी को मिलेगा लाभ

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गोपालगंज: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोई पहचान पत्र नहीं रखने वाले लोगों का भी टीकाकरण करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है।

सिविल सर्जन डॉ. योगेन्द्र महतो ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि मंत्रालय ने इसके लिए कैटेगरी तय की है।

इस श्रेणी में बुजुर्ग, साधु-संत, जेल में बन्द सजायाफ्ता कैदी, मानसिक अस्पतालों में भर्ती मरीज, वृद्धाश्रम में रहने वाले लोग, भिखारी, पुनर्वास केंद्र में रहने वाले मरीज को शामिल किया गया है।

ऐसे लोगों को चिह्नित कर कोविन ऐप में पंजीकृत किया जाएगा।

उनके टीकाकरण के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।

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उन्होंने कहा कि इन लोगों की पहचान करने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को दिया गया है।

मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक किसी भी व्यक्ति को वैक्सीनेशन के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर कार्ड या पेंशन पेपर में से किसी एक पहचान पत्र का होना जरूरी है।

लेकिन मंत्रालय ने माना है कि किसी के पास यह पहचान पत्र नहीं हैं तो उन्हें वैक्सीनेशन से वंचित नहीं रखा जा सकता।

इसी के मद्देनजर मंत्रालय ने ऐसे लोगों का टीकाकरण कराने के लिए गाइडलाइन जारी किया है।

सिविल सर्जन ने कहा कि इसके लिए जिला स्तर पर टास्क फोर्स का गठन होगा।

अल्पसंख्यक विभाग, सामाजिक न्याय विभाग व समाज कल्याण विभाग के सहयोग से ऐसे लोगों की पहचान किया जाएगा।

इन लोगों का कोविन ऐप में पंजीकरण कराया जाएगा।

जिसमें लाभार्थी का नाम, जन्म का साल औरलिंग दर्ज कराया जाएगा।

मोबाइल नंबर और पहचान पत्र की अनिवार्यता नहीं होगी। इसका सत्यापन फेसिलिटेटर करेंगे।

जिसके बाद इन लोगों का वैक्सीनेशन किया जाएग

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