अपर बाजार के बड़े कारोबारी से PLFI उग्रवादी ने मांगी थी तीन करोड़ की रंगदारी, गिरफ्तार

News Aroma Media
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रांची: कोतवाली थाना क्षेत्र के अपर बाजार के रहनेवाले एक बड़े कारोबारी से तीन करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने पीएलएफआई (PLFI) के एक उग्रवादी अजीत कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है।

वह खूंटी जिले के जरियागढ़ थाना के पिचकोरा गांव का रहनेवाला है। पुलिस के अनुसार पीएलएफआई के सुप्रीमो दिनेश गोप के कहने पर रंगदारी मांगी गयी थी।

इस मामले में रांची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिनेश गोप के करीबी पीएलएफआई के हार्डकोर उग्रवादी अजीत कुमार सिंह को खूंटी से गिरफ्तार कर लिया।

मामला सामने आने के बाद रांची एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने एक स्पेशल टीम बनायी थी। इसमें एसएसपी की क्यूआरटी और कोतवाली थाना प्रभारी शैलेश कुमार शामिल थे।

तकनीकी शाखा की टीम ने जब मामले की जांच शुरू की, तब यह पहले ही दिन स्पष्ट हो गया कि रंगदारी उग्रवादी संगठन पीएलएफआई द्वारा ही मांगी गयी थी।

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स्पेशल टीम ने जब मामले की तह तक जांच की, तब यह मालूम चला कि जिस फोन से रंगदारी मांगी गयी है, उसका लोकेशन खूंटी जिले में है।

टेक्निकल सेल की मदद से पुलिस ने खूंटी से अजीत को गिरफ्तार किया। जिस मोबाइल से अजीत ने रंगदारी मांगी थी, उसे भी बरामद कर लिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में अजीत ने बताया है कि पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप ने रंगदारी मांगने के लिए तीन लोगों की एक टीम बना रखी है।

यह टीम राजधानी और दूसरे शहरों में रेकी कर वैसे लोगों को चिह्नित करती है, जिनके पास काफी पैसा है।

उसके बाद दिनेश गोप द्वारा लेटरपैड पर रंगदारी मांगने संबंधित बातें लिखकर भेजी जाती हैं, जिसे वर्चुअल माध्यम से टीम के लोग अलग-अलग कारोबारियों को भेजकर पैसे की डिमांड करते हैं।

रंगदारी मांगनेवाली टीम को उग्रवादी ओड़िशा से मंगाते हैं। तीनों कई लोगों से रंगदारी ले चुके हैं। अन्य उग्रवादियों की तलाश में छापामारी की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि अपर बाजार के एक बड़े व्यवसायी जालान साहब के यहां काम करनेवाले मनीष शर्मा ने कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी।

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 18 सितंबर को अपराह्न तीन बजे के करीब जालान साहब के मोबाइल फोन पर एक धमकी भरा मैसेज आया, जो लेटरपैड पर अंकित था। इस लेटरपैड पर पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के हस्ताक्षर थे।

इसमें धमकी दी गयी थी कि आठ दिन के अंदर तीन करोड़ रुपये पीएलएफआई संगठन को दे दो, अन्यथा फौजी कार्रवाई की जायेगी।

पैसे नहीं मिलने पर जान-माल का नुकसान झेलना होगा। मनीष शर्मा ने पुलिस को यह भी बताया कि मैसेज के अलावा जालान साहब के मोबाइल फोन पर एक कॉल भी किया गया, जिसमें दिनेश गोप का नाम लेते हुए तीन करोड़ रुपये नहीं देने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी गयी थी।

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