रांची : झारखंड की राजधानी रांची के पास जल जीवन मिशन कार्यालय (Jal Jeevan Mission Office) पर कथित रूप से PLFI उग्रवादियों के हमले (PLFI Militants Attacks) से प्रशासन और पुलिस अफसरों के हाथ-पांव फूल गए हैं।
यह वारदात शनिवार देर रात लापुंग थाना क्षेत्र के दोलाइचा गांव में हुई है। इस दौरान कार्यालय में मौजूद 15 लोगों को पीटकर अधमरा कर दिया गया। रंगदारी न मिलने से आगबबूला उग्रवादियों ने एक कमरा भी फूंक दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस वारदात में अब तक पीएलएफआई उग्रवादियों के शामिल होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। इस बीच यह पता चला है कि कुछ दिन पहले जल जीवन मिशन कार्यालय का संचालन करने वाली कंपनी के साइट इंचार्ज शंटी पटेल ने प्रबंधन को सूचना दी थी कि अंकित सिंह नाम का व्यक्ति खुद को PLFI कमांडर बताता है। वह पांच लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा है। बताते हैं कि कंपनी ने रंगदारी देने से इनकार कर दिया था।
युवकों ने जल जीवन मिशन के दफ्तर पर हमला किया
इस वारदात के बाद क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि इस कंपनी में PLFI के नाम पर दो लोगों को नौकरी पर रखवाया गया था। शंटी पटेल ने आज (रविवार) सुबह बताया है कि शनिवार देररात अचानक 20-25 नकाबपोशों कार्यालय में चढ़ाई कर दी।
जो सामने मिला उसे बुरी तरह पीटा। यह नकाबपोश खुद को PLFI नक्सली कह रहे थे। इस दौरान यह चीखते रहे कि जब तक लेवी नहीं दोगे तब तक काम नहीं करने दिया जाएगा। इन नकाबपोशों (Masked People) ने बर्बरता करने के बाद एक कमरे को आग के हवाले कर दिया।
DSP (बेड़ो) रजत मणि बखला का कहना है कि वारदात की जांच की जा रही है। इस वारदात में अंकित नाम के व्यक्ति की भूमिका सामने आई है। प्रारंभिक जांच में यह नक्सली घटना नहीं है।
गांव के ही कुछ युवकों ने जल जीवन मिशन के दफ्तर पर हमला किया है। इन सभी की पहचान हो चुकी है। मुखबिरों का जाल बिछा दिया गया है। पुलिस ने धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए हैं।