RANCHI : जुलूस-ए-मोहम्मदी के लिए चाक-चौबंद सुरक्षा और ट्रैफिक इंतजाम, 1000 से अधिक…

विभिन्न थाना की गश्ती दल को हमेशा एक्शन मोड में रहने का आदेश दिया गया है, अतिसंवेदनशील और संवेदनशील इलाके में विशेष चौकसी बरतने के लिए विशेष बल लगाए गए हैं

News Aroma Media
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रांची: जुलूस-ए-मोहम्मदी (Procession-e-Mohammadi) के लिए रांची पुलिस ने सुरक्षा और ट्रैफिक (Safety and Traffic) के लिए कड़े और पुख्ता इंतजाम किये है। सुरक्षा में 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों को लगाया गया है।

इसमें रैपिड एक्शन पुलिस (RAP) की दो कंपनी, RBI, SIRB, इको, जैप-10 की एक कंपनी, लाठी पार्टी आदि को लगाया है। इसके साथ रंगीन पानी, आंसू गैस, बज्र वाहन को भी तैनात किया गया है।

विभिन्न थाना की गश्ती दल को हमेशा एक्शन मोड में रहने का आदेश दिया गया है। अतिसंवेदनशील और संवेदनशील इलाके में विशेष चौकसी बरतने के लिए विशेष बल लगाए गए हैं।

विभिन्न धार्मिक स्थलों पर बल की तैनाती कर दी गयी है। बल गुरुवार सुबह से ही अपने निर्धारित स्थानों पर तैनात हो जायेंगे।

डीसी और एसएसपी के नेतृत्व में फ्लैग मार्च

ईद मिलादुन्नबी (Eid Miladunnabi) के पूर्व संध्या पर फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च अलबर्ट एक्का चौक से निकल कर डेलीमार्केट, उर्दू लाइब्रेरी, अंजुमन प्लाजा होते हुए एकरा मसजिद पहुंचा। एकरा मस्जिद से फ्लैग मार्च कोनका टोली होते हुए कर्बला चौक पहुंचा, कर्बला चौक से विक्रांत चौक,चर्च रोड होते हुए वापस अलबर्ट एक्का चौक पहुंच कर मार्च समाप्त हो गया।

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फ्लैग मार्च का नेतृत्व डीसी राहुल सिन्हा और SSP चंदन कुमार सिन्हा कर रहे थे। इस दौरान सिटी एसपी राजकुमार मेहता, सिटी डीएसपी दीपक कुमार, सार्जेंट मेजर अभिनव पाठक सहित कई पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे। बाद में डोरंडा में भी फ्लैग मार्च निकाला गया।

इसमें SSP चंदन कुमार सिन्हा और सिटी SP राजकुमार मेहता शामिल हुए। इस दौरान एसएसपी ने रिसालदार बाबा के मजार पर चादरपोशी भी की।

दूसरी ओर पुलिस लाइन में राइट कंट्रोल ड्रिल किया गया। इस दौरान पुलिसकर्मी ही उपद्रवी बने। उपद्रवी को खदेड़ने के लिए पुलिसकर्मी हथियार, लाठी-डंडा, आंसू गैस के गोले लेकर तैयार थे।

जैसे ही उपद्रवी दंगा करने के लिए आगे बढ़े, पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका। जब उपद्रवी नहीं माने तो पहले उनपर रंगीन पानी की बौछार की गयी, उसके बाद उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े गये। इसके बाद वह तितर-बितर हो गये। राइट कंट्रोल ड्रिल (Right Control Drill) का नेतृत्व सार्जेंट मेजर अभिनव पाठक ने किया। उनके साथ पुलिस लाइन के कई पदाधिकारी शामिल थे।

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