किसानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, सरकार धैर्य की परीक्षा न ले: राकेश टिकैत

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गाजियाबाद: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत ने किसान कश्मीर सिंह की आत्महत्या पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले।

किसान आंदोलन में अब तक 47 किसानों की जान जा चुकी है, लेकिन एक सरकार है कि उसे शर्म नहीं आती।

सरकार 4 जनवरी की बैठक में न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून बनाये और तीनों बिल वापस ले अन्यथा किसान आंदोलन को तेज किया जाएगा।

राकेश ने शनिवार को कहा कि हमारी उत्तर प्रदेश सरकार को चेतावनी है कि अब गन्ना पर्ची पर मूल्य 000 लिखने से काम नही चलेगा। सरकार एक सप्ताह में गन्ना मूल्य घोषित करे।

कोई उत्पाद ऐसा नहीं, जिसका बिकने के बाद मूल्य तय हो। उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की लूट हो रही है।

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अब गन्ना किसानों पर जुल्म बर्दाश्त नहीं होगा। आज भी 4 हजार करोड़ गन्ना किसानों का बकाया है।

सरकार मिल मालिकों के पक्ष में खड़ी है। गन्ना किसानों पर जुल्म की इंतहा हो चुकी है।

उत्तर प्रदेश सरकार धान व गन्ना किसानों का समाधान करें अन्यथा 10 जनवरी के बाद लखनऊ विधानसभा पर भी किसान अनिश्चितकालीन घेराव करेंगे। अब करो या मरो के साथ किसान आन्दोलन को आगे चलाएगी।

सरकार गाजीपुर बॉर्डर पर शहीद किसान गलतान सिंह,बागपत व कश्मीर सिंह, रामपुर के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद व एक आश्रित को तुरंत नौकरी दे।

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