चाइल्ड ट्रैफिकिंग मामले में साहिबगंज SP ने दाखिल किया शपथ पत्र, हाई कोर्ट में…

SP आलम ने हाई कोर्ट से समय देने का आग्रह करते हुए कहा है कि डीएनए टेस्ट लंबी प्रक्रिया है, जिसमें लगभग 30 दिन का समय लगता है

News Aroma Media
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रांची : झारखंड हाई कोर्ट में सोमवार को साहिबगंज में चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़े एक मामले (Child Trafficking Case) में आरोपित कुलदेव साह की क्रिमिनल अपील मामले में साहिबगंज SP नौशाद आलम (SP Naushad Alam) ने शपथ पत्र दाखिल किया है।

SP आलम ने हाई कोर्ट से समय देने का आग्रह करते हुए कहा है कि DNA टेस्ट लंबी प्रक्रिया है, जिसमें लगभग 30 दिन का समय लगता है।

ऐसे में इस मामले में DNA रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। इस मामले की सुनवाई 28 नवंबर को जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में होने को लेकर सूचीबद्ध है।

गुमशुदा बच्चों में से एक लड़के का पता लगा लिया गया

खंडपीठ ने पिछले सुनवाई में दो गुमशुदा बच्चों में से बरामद किए गए एक बच्चे के डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट डायरेक्टर फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री, रांची से मांगी थी। कोर्ट ने मामले में डायरेक्टर, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, रांची की ओर से नोटिस जारी किया था।

मामले में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि गुमशुदा बच्चों में से एक लड़के का पता लगा लिया गया है, लेकिन उसके पिता और अन्य रिश्तेदारों से उसकी पहचान को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति है, इसलिए, सरकार ने पिता और लड़के का नमूना लेकर DNA टेस्ट के लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला रांची भेज दिया गया है। अब DNA टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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मामले में प्रतिवादी की ओर से अधिवक्ता प्रत्यूष लाल और दीपक साहू ने पैरवी की थी। कुलदेव साह और वीरेंन साह (Kuldev Sah and Viren Sah) के खिलाफ परिवादी एम हेंब्रम ने साहिबगंज कोर्ट में परिवाद दर्ज करवाया है।

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