नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें राज्य सरकार को यह पता लगाने में सहायता करने के लिए कहा गया था कि क्या आंध्र प्रदेश में संवैधानिक संकट है?
राज्य सरकार की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि संवैधानिक ढांचे के तहत, यह हाईकोर्ट की जिम्मेदारी नहीं है कि वह पता करे कि क्या किसी राज्य में संवैधानिक ब्रेकडाउन है या नहीं?
प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे ने टिप्पणी की और कहा कि ये परेशान करने वाला है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह रोक राज्य की जगनमोहन रेड्डी सरकार की याचिका के आधार पर लगाई है।
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
आंध्र प्रदेश सरकार ने वकील महफूज अहसन नाजी के माध्यम से याचिका दायर की है।
दरअसल हाईकोर्ट ने रेड्डी सरकार को यह पता लगाने में सहायता करने के लिए कहा था कि क्या आंध्र प्रदेश में संवैधानिक संकट है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था।
बता दें कि अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति ही राज्य में राष्ट्रपति शासन की घोषणा कर सकते हैं।
राज्य सरकार का तर्क है कि यह विशेष रूप से कार्यपालिका में निहित शक्ति है और न्यायपालिका द्वारा इसका उपयोग नहीं किया जा सकता है।