आखिरकार सात साल के अगवा बच्चे की हो ही गई हत्या, रांची पुलिस नहीं बचा पाई मासूम की जान, पांच हिरासत में

News Aroma Media
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रांची: पिठोरिया थाना क्षेत्र के हेठकोनकी से 12 जनवरी की शाम 7 बजे अगवा सात साल के मासूम बच्चे शाहनवाज अंसारी की आखिरकार हत्या हो ही गई।

रांची पुलिस ने बच्चे की सकुशल वापसी का जो भरोसा परिजनों को दिलाया था, उसमें खड़ा नहीं उतर पाई है।

शाहजहां अंसारी के बेटे शाहनवाज अंसारी का शव घर के पास ही एक कुएं में 17 जनवरी की सुबह तैरता हुआ पाया गया। आसपास के लोगों ने बच्चे का शव कुएं में देखा।

इसके बाद परिजनों के अलावा बड़ी संख्या में लोग वहां जुट गए। लोगों में बच्चे की हत्या को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।मामले में परिजनों ने बच्चे के अपहरण की आशंका जताते हुए थाने में कंप्लेन दर्ज कराई थी

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क्या है मामला

मृतक के पिता ने बोरिंग के विवाद में बच्चे के अपहरण की आशंका जताई थी।

कहा है कि वे अपने घर के पास ही बोरिंग करवा रहे थे। इसी दौरान मंगरा उरांव, गिरू उरांच, चंपा उरांव, महादेव उरांव व रंजीत उरांव मारुति वैन से वहां पहुंचे थे।

इन लोगों ने जबरन बोरिंग का काम बंद करवा दिया था। उसी मारुति वैन में बच्चे को ले जाते हुए सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था।

पुलिस ने शक के आधार पर पांचों को हिरासत में भी ले लिया है।

24 घंटे का था अल्टीमेटम

मामले में बच्चे की वापसी नहीं होने पर स्थानीय लोगों का गुस्सा शनिवार को फूटा था। लोगों ने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।

इस अल्टीमेटम के दौरान बच्चे को बरामद नहीं किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई थी।

वहीं, पुलिस ने भी आश्वासन दिया था कि बच्चे काे 24 घंटे के अंदर खोज लिया जाएगा।

इतना ही नहीं, लोगों का बढ़ता आक्रोश देख डीएसपी मुख्यालय वन नीरज कुमार, कांके थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह, इंस्पेक्टर असीत कुमार मोदी, पिठोरिया थानेदार मिशिल सोरेन भी पहुंचे थे। वहीं, मामले की तहकीकात के लिए एक टीम का भी गठन किया गया था।

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