मणिपुर में शशि थरूर ने की राष्ट्रपति शासन की मांग, चप्पे-चप्पे पर…

मणिपुर के हिंसा प्रभावित इलाकों में लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके इसके लिए सेना की तरफ से हेल्पडेस्क (Helpdesk) तैनात किया गया है

News Update
3 Min Read

मणिपुर: Manipur Violence के कारण राज्य में हिंसा (Violence) प्रभावित इलाकों में असम राइफल्स (Assam Rifles) और सशस्त्र बलों (Armed Forces) की तैनाती कर दी गई है।

इस हिंसा को लेकर देशभर में विवाद मचा हुआ है। हिंसा प्रभावित इलाकों से अबतक सशस्त्र बलों और Assam Rifles के जवानों ने 23 हजार से अधिक नागरिकों को रेस्क्यू (Rescue) किया है।

मणिपुर के हिंसा प्रभावित इलाकों में सशस्त्र बलों द्वारा लगातार पेट्रोलिंग (Patrolling) की जा रही है।

मणिपुर में शशि थरूर ने की राष्ट्रपति शासन की मांग, चप्पे-चप्पे पर... Shashi Tharoor demands President's Rule in Manipur,...

हेल्पलाइन नंबर भी किया जारी

साथ ही इस बाबत सेना के जवानों से संपर्क करने के लिए सेना ने हेल्पलाइन नंबर (Helpline Number) भी जारी किया है ताकि लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके।

- Advertisement -
sikkim-ad

इस बीच Congress के वरिष्ठ नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने रविवार के दिन आरोप लगाते हुए BJP पर निशाना साधा और कहा कि 1 साल पहले सत्ता में आई BJP को जीताने के बाद राज्य की जनता घनघोर विश्वासघात (Betrayal) महसूस कर रही है।

बता दें कि उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन (President’s Rule) लागू करने की भी मांग की है।

मणिपुर में शशि थरूर ने की राष्ट्रपति शासन की मांग, चप्पे-चप्पे पर... Shashi Tharoor demands President's Rule in Manipur,...

हिंसा में कुल 54 लोगों की मौत

गौरतलब है कि मणिपुर में पिछले सप्ताह आदिवासियों और बहुसंख्या मेइती समुदाय (Majority Meitei Community) के लोगों के बीच हिंसक झड़प देखने को मिली थी।

इस हिंसा में कुल 54 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद राज्य में स्थिति पर काबू पाने के लिए सेना और असम राइफल्स को हिंसा प्रभावित इलाकों (Violence Affected Areas) में उतारा गया था। मणिपुर में हालात अब काबू में है।

मणिपुर में शशि थरूर ने की राष्ट्रपति शासन की मांग, चप्पे-चप्पे पर... Shashi Tharoor demands President's Rule in Manipur,...

सेना की तरफ से तैनात किया गया हेल्पडेस्क

मणिपुर के हिंसा प्रभावित इलाकों में लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके इसके लिए सेना की तरफ से हेल्पडेस्क (Helpdesk) तैनात किया गया है।

साथ ही हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए लोगों से अपील की गई है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इस Helpline Number को साझा करें ताकि लोगों की मदद की जा सके।

इस Helpdesk में 2 अधिकारी, 1 JCO और 2 NCO शामिल हैं। ये फोन नंबर 24*7 चालू रहेंगे।

Share This Article