कास्ट सर्वे से PM मोदी की OBC स्थिति का झूठा होगा उजागर, JDU ने…

जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा, 'मोदी ने यह दावा करके इस आरोप का खंडन करने की कोशिश की कि यह 1994 में किया गया था जब कांग्रेस गुजरात के साथ-साथ केंद्र में सत्ता में थी

News Aroma Media
3 Min Read

Bihar Political News : JDU ने आरोप लगाया है कि नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) इस डर से जातीय जनगणना (Caste Census) कराने में अनिच्छुक हैं कि प्रधानमंत्री की OBC  स्थिति के बारे में झूठ उजागर हो जाएगा।

JDU के MLC और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने PM Modi  के इस दावे पर सवाल उठाया कि वह अति पिछड़ा समुदाय से हैं।

JDU का पीएम मोदी पर हमला

नीरज ने मोदी पर आरोप लगाया कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने 2002 में अपनी जाति मोध घांची (Modh Ghanchi) को OBC  सूची में शामिल कराया।

कुल मिलाकर ठाकुर वाले विवाद की विदाई की कोशिश करते हुए JDU ने OBC गेम फिर से खेल लालू यादव (Lalu Yadav) के सियासी पैंतरे को पलट दिया।

जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा, ‘मोदी ने यह दावा करके इस आरोप का खंडन करने की कोशिश की कि यह 1994 में किया गया था जब कांग्रेस गुजरात के साथ-साथ केंद्र में सत्ता में थी।

- Advertisement -
sikkim-ad

‘ उन्होंने एक कागज दिखाते हुए दावा किया यह भारत का राजपत्र है जिसमें उस साल अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में शामिल किये गये जातियों का उल्लेख है।

नीरज कुमार ने कहा कि ‘घांची जाति के छह उप समूह हैं, जिनमें से केवल एक, घांची (मुस्लिम), 1994 में OBC की सूची में था।’ उन्होंने लगे हाथ BJP को चुनौती भी दे दी कि वो उनके दावे को खारिज करके दिखाए।

कास्ट सर्वे से PM मोदी की OBC स्थिति का झूठा होगा उजागर, JDU ने…-Caste survey will expose the falsehood of PM Modi's OBC status, JDU...

नीरज कुमार के दावे

नीरज कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि मोदी ने चुनावी लाभ (Electoral Advantage) के लिए मोध घांचियों को OBC में शामिल किया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि 1931 की जनगणना के अनुसार, प्रधानमंत्री की जाति में साक्षरता दर ब्राह्मणों के बराबर और राजपूतों से अधिक थी इसलिए उसे ओबीसी को दिए जाने वाले लाभों की आवश्यकता नहीं थी।

उन्होंने कहा, ‘रिकॉर्ड पर यह दस्तावेज़ भी हैं कि 19वीं सदी की शुरुआत में, मोध घांची ब्रिटिश सरकार से आग्रह किया था कि उन्हें बनिया समुदाय (Tradesman Community) में गिना जाए, न कि घांची में, जिनके साथ उन्होंने कभी भोजन नहीं किया या वैवाहिक संबंध नहीं बनाए।

नीतीश के कदम से पूरे देश में हलचल

नीरज कुमार (Neeraj Kumar) ने दावा किया कि ‘नीतीश कुमार सरकार की ओर से कराए गए जातीय सर्वेक्षण ने पूरे देश में हलचल पैदा कर दी है। लेकिन केंद्र इस डर से जातीय जनगणना कराने से कतरा रहा है कि गुजरात में जिस झूठ का सहारा लिया गया था, वह उजागर हो सकता है।’

उत्तर प्रदेश में अप्रैल, 2019 में एक जनसभा में प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी कि वह न केवल बस OBC हैं बल्कि सबसे पिछड़ी जाति में भी उनका जन्म हुआ है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply