समलैंगिक विवाह को मान्यता देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार, CJI ने संसद को…

अगर बात की जाए की किस देश में समलैंगिक विवाह को मान्यता है तो साल 2001 में नीदरलैंड ने सबसे पहले समलैंगिक विवाह को वैध बनाया था

News Aroma Media
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Supreme Court: CJI ने अपना फैसला सुनाते हुए समलैंगिक शादी (Gay Wedding) को मान्यता देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी राय में संसद को समलैंगिक विवाह को मान्यता देने के मामले में फैसला करना चाहिए।

उन्होंने समलैंगिक समुदाय (Gay Community) के खिलाफ भेदभाव को रोकने के लिए केंद्र और पुलिस बलों को कई दिशा-निर्देश भी जारी किए।

CJI के फैसले का निष्कर्ष

– इस न्यायालय को मामले की सुनवाई करने का अधिकार है।
– समलैंगिकता एक प्राकृतिक घटना है जो भारत में सदियों से ज्ञात है। यह न तो शहरी है और न ही संभ्रांतवादी।
– विवाह एक स्थायी संस्था नहीं है।
एक कमेटी बनाई जाए जो राशन कार्डों में समलैंगिक जोड़ों को परिवार के रूप में शामिल करने, संयुक्त बैंक खाते के लिए नामांकन करने, पेंशन, ग्रेच्युटी आदि से मिलने वाले अधिकार सुनिश्चित करने के मसलों पर विचार करेगी।

समलैंगिक विवाह को मान्यता देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार, CJI ने संसद को…-Supreme Court refuses to recognize gay marriage, CJI tells Parliament…

कमेटी बनाने के सुझाव को माना गया

CJI ने कहा, हम समलैंगिक व्यक्तियों के अधिकारों पर विचार करने के लिए मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों समेत एक समिति गठित करने के केंद्र के सुझाव को स्वीकार करते हैं।

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समिति इस बात पर विचार करेगी कि क्या समलैंगिक पार्टनर को राशन कार्ड, चिकित्सा निर्णय, जेल यात्रा, शव प्राप्त करने के अधिकार के तहत परिवार माना जा सकता है।

IT Act  के तहत वित्तीय लाभ, ग्रेच्युटी, पेंशन आदि पर कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट दी जाएगी और लागू की जाएगी।

समलैंगिक विवाह को मान्यता देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार, CJI ने संसद को…-Supreme Court refuses to recognize gay marriage, CJI tells Parliament…

मान्यता देने वाला पहला एशियाई देश

अगर बात की जाए की किस देश में समलैंगिक विवाह को मान्यता है तो साल 2001 में नीदरलैंड ने सबसे पहले समलैंगिक विवाह को वैध बनाया था। जबकि ताइवान पहला एशियाई देश था।

कुछ बड़े देश ऐसे भी हैं, जहां सेम सेक्स मैरिज की स्वीकार्यता नहीं है। इनकी संख्या करीब 64 है। यहां सेम सेक्स रिलेशनशिप को अपराध माना गया है और सजा के तौर पर मृत्युदंड भी शामिल है।

मलेशिया में समलैंगिक विवाह अवैध है। पिछले साल सिंगापुर ने प्रतिबंधों को खत्म कर दिया था। हालांकि, वहां शादियों की मंजूरी नहीं है।

CJI की टिप्पणियां

– CJI ने फैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले में कुछ चार फैसले हैं। कुछ सहमति के हैं और कुछ असहमति के। उन्होंने कहा, अदालत कानून नही बना सकता। लेकिन कानून की व्याख्या कर सकता है।

– CJI ने कहा, जीवन साथी चुनना जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। साथी चुनने और उस साथी के साथ जीवन जीने की क्षमता जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार के दायरे में आती है। जीवन के अधिकार के अंतर्गत जीवन साथी चुनने का अधिकार है। एलजीबीटी समुदाय समेत सभी व्यक्तियों को साथी चुनने का अधिकार है।

– CJI  ने कहा कि राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इंटरसेक्स बच्चों को उस उम्र में लिंग-परिवर्तन ऑपरेशन की अनुमति न दी जाए जब वे इसके परिणाम को पूरी तरह से नहीं समझ पाएं।

– CJI ने कहा कि ये कहना सही नहीं होगा कि सेम सेक्स सिर्फ अर्बन तक ही सीमित नहीं है। ऐसा नहीं है कि ये केवल अर्बन एलीट तक सीमित है। यह कोई अंग्रेजी बोलने वाले सफेदपोश आदमी नहीं है, जो समलैंगिक होने का दावा कर सकते हैं।

बल्कि गांव में कृषि कार्य में लगी एक महिला भी समलैंगिक होने का दावा कर सकती है। शहरों में रहने वाले सभी लोगों को कुलीन नहीं कहा जा सकता। समलैंगिकता मानसिक बीमारी नहीं है।

– उन्होंने कहा, विवाह का रूप बदल गया है। यह चर्चा दर्शाती है कि विवाह का रूप स्थिर नहीं है। सती प्रथा से लेकर बाल विवाह और अंतरजातीय विवाह तक विवाह का रूप बदला है। विरोध के बावजूद विवाहों के रूप में परिवर्तन आया है।

– CJI  ने कहा, प्रेम मानवता का मूलभूत गुण है। सीजेआई ने कहा, शादी करने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है।

– CJI ने कहा, अदालत केवल कानून की व्याख्या कर सकती है, कानून नहीं बना सकती। उन्होंने कहा कि अगर अदालत LGBTQIA+ समुदाय के सदस्यों को विवाह का अधिकार देने के लिए विशेष विवाह अधिनियम (Special Marriage Act) की धारा 4 को पढ़ती है या इसमें कुछ शब्द जोड़ती है, तो यह विधायी क्षेत्र में प्रवेश कर जाएगा।

– उन्होंने कहा, मनुष्य जटिल समाजों में रहते हैं। एक-दूसरे के साथ प्यार और जुड़ाव महसूस करने की हमारी क्षमता हमें इंसान होने का एहसास कराती है। हमें देखने और देखने की एक जन्मजात आवश्यकता है।

अपनी भावनाओं को साझा करने की आवश्यकता हमें वह बनाती है जो हम हैं। ये रिश्ते कई रूप ले सकते हैं, जन्मजात परिवार, रोमांटिक रिश्ते आदि। परिवार का हिस्सा बनने की आवश्यकता मानव गुण (Human Qualities) का मुख्य हिस्सा है और आत्म विकास के लिए महत्वपूर्ण…

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