नियमावली के विरोध में शिक्षकों ने निकाला आक्रोश मार्च

उसमें भी उन्हें खुली प्रतियोगिता में धकेला जाए। यह वर्तमान सरकार (Current Government) के शिक्षक विरोधी रवैए को उजागर करती है

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बेगूसराय: Bihar सरकार के बनाए शिक्षक नियमावली-2023 (Teacher Manual-2023) के विरोध में बुधवार को शिक्षकों ने आक्रोश मार्च निकाला।

आक्रोश मार्च में शामिल शिक्षकों ने महागठबंधन सरकार पर खुद को छलने का आरोप लगाया है।

बिहार शिक्षक संघर्ष मोर्चा (Bihar Teachers Sangharsh Morcha) के आह्वान पर जिले के कोने-कोने से पहुंचे शिक्षकों ने धरना स्थल पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

शिक्षकों ने सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करते हुए अपने मांगो के जायज बताया। प्रदर्शन का नेतृत्व अध्यक्ष मंडल सदस्य मुकेश कुमार मिश्र, ज्ञान प्रकाश, रत्नेश कुमार, मनोहर राय, मिलन कुमार मिश्र एवं नितेश रंजन कर रहे थे।नियमावली के विरोध में शिक्षकों ने निकाला आक्रोश मार्च Teachers took out protest march against rules

शिक्षक किसी भी परीक्षा से डरते नहीं

शिक्षक नेताओं ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षक और शिक्षक अभ्यर्थी दोनों को ठगने का काम की है।

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इससे पहले कोई भी नियामवली लागू (Regulations Apply) होने पर उसका लाभ सभी शिक्षकों को दिया जाता था।

लेकिन इस बार सरकार ने शिक्षकों को साफ बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

शिक्षक किसी भी परीक्षा से डरते नहीं है। लेकिन नई नियमावली में उत्पन्न विसंगति से वे डर रहे है।

उन्हें खुली प्रतियोगिता में धकेला जाए

किसी भी विभाग में आज तक ऐसा नहीं हुआ कि किसी कर्मी को प्रोन्नति पाने के लिए नए सिरे से आवेदन करना हो।

उसमें भी उन्हें खुली प्रतियोगिता में धकेला जाए। यह वर्तमान सरकार (Current Government) के शिक्षक विरोधी रवैए को उजागर करती है।

अगर सरकार हमें बिना शर्त नई नियमावली में समायोजित नहीं करती है तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा।

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