Khunti: खूंटी के कर्रा प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों के आतंक से परेशान गांव वालों ने सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें हाथियों से निजात नहीं दिलाई गई, तो वे रेल रोको, सड़क जाम और वन विभाग के अधिकारियों का घेराव जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों की बैठक में उठा मुद्दा
मंगलवार को जरियागढ़ थाना क्षेत्र के मुरेचकेल गांव में विभिन्न गांवों के ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें जिला परिषद सदस्य जारोंग आइंद ने कहा कि पिछले 40-45 वर्षों से कर्रा प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक जारी है। इस दौरान कई लोगों की जान जा चुकी है और करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि सैकड़ों बार गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जारोंग ने चेतावनी दी कि यदि गजराजों के आतंक से मुक्ति नहीं मिली, तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
युवक की मौत पर नाराजगी
बैठक में भाजयुमो मंडल अध्यक्ष विनय गुप्ता ने बताया कि नगड़ा पतराटोली गांव में एक जंगली हाथी ने 33 वर्षीय आदिवासी युवक उमेश बारला को कुचल कर मार डाला। इसके बावजूद न वन विभाग के अधिकारी और न ही स्थानीय विधायक गांव पहुंचे। उन्होंने कहा कि वन विभाग ने मात्र 25 हजार रुपये देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली।
अन्य मांगें भी उठीं
बैठक में वर्षों से बंद जरियागढ़ रेलवे स्टेशन को फिर से शुरू करने और जरियागढ़ को प्रखंड बनाने की मांग भी जोर-शोर से उठी। बैठक की अध्यक्षता करते हुए खुदी साहू ने कहा कि स्टेशन बंद होने से 20-25 गांवों के लोगों को भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने इन मांगों को लेकर भी प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद जताई।