दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की पहली तस्वीर आई सामने…

इनकी सेवा की अवधि भी बढ़ा कर 60 वर्ष कर दी गई है। इससे पहले उन्हें कोई हटा नहीं सकता है। वह कहते थे कि प्रेशर पॉलिटिक्स (Pressure Politics) से कुछ नहीं होता है, नियम से ही बात बनती है

News Desk
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रांची: Chennai में निधन के बाद टाइगर जगरनाथ महतो (Jagarnath Mahato) की पहली तस्वीर आई है। मिल रही जानकारी के अनुसार, झारखंड (Jharkhand) के दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का पार्थिव शरीर रांची लाया जाएगा।

उनका निधन आज सुबह 6:30 बजे चेन्नई स्थित अस्पताल में हो गया। यही उनका इलाज चल रहा था। वह 56 साल के थे।

दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की पहली तस्वीर आई सामने...- The first picture of the late education minister Jagarnath Mahto came to the fore.

एयरलिफ्ट कर रांची से भेजा गया था चेन्नई

कोरोना होने के बाद जगरनाथ महतो बीमार चल रहे थे। तबीयत बिगड़ने के बाद सबसे पहले उन्हें रांची (Ranchi) के पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में CM हेमंत सोरेन (Hemant Soren) कि सलाह पर एयरलिफ्ट (Airlift) कर उन्हें चेन्नई ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

जगरनाथ महतो के निधन के बाद पूरे प्रदेश शोक में लहर दौड़ गई। पक्ष-विपक्ष के तमाम राजनेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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चर्चा में रहे अपनी बेबाकी के लिए

राज्य से संबंधित कई मुद्दों पर जगरनाथ महतो (Jagarnath Mahato) अपनी बेबाक राय रखते थे और इसके लिए उनकी चर्चा होती थी। एक बातचीत के क्रम में जगरनाथ महतो ने कहा था कि बिहार में भी 1932 के आधार प्रभावी है, तो झारखंड (Jharkhand) में क्यों नहीं हो सकता।

शिक्षक नियुक्ति पर जगरन्नाथ महतो ने कहा था कि सरकार 50 हजार शिक्षक बहाल करने वाली है। उन्होंने इसमें टेट पास लोगों को प्राथमिकता देने की बात कही थी। पारा शिक्षकों के स्थायीकरण पर कहा था कि सरकार परीक्षा पास नहीं करने वालों को भी नहीं हटा रही है।

इनकी सेवा की अवधि भी बढ़ा कर 60 वर्ष कर दी गई है। इससे पहले उन्हें कोई हटा नहीं सकता है। वह कहते थे कि प्रेशर पॉलिटिक्स (Pressure Politics) से कुछ नहीं होता है, नियम से ही बात बनती है।

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