विधायकों ने बढ़ाई सरकार की मुश्किलें, फतेहाबाद में दो और जींद व भिवानी में एक-एक जिला पार्षद ने दिया इस्तीफा

News Aroma Media
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चंडीगढ़: केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन से हरियाणा में गठबंधन सरकार की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई है।

सहयोगी दल जजपा के विधायक किसानों के समर्थन में खड़े हो गए हैं। इसी के साथ फतेहाबाद, जींद व भिवानी में चार जिला पार्षदों ने अपना इस्तीफा दिया है।

रविवार को जजपा के दो विधायकों किसानों का खुलकर समर्थन किया। लिहाजा जजपा विधायकों के समर्थन से जजपा में भी अंदरखाते गतिरोध बढ़ना शुरू हो गया है।

अहम पहलू यह भी है कि बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग पहले ही किसानों के समर्थन में चेयरमैन का पद ठुकरा चुके हैं और शाहाबाद से विधायक रामकरण काला भी किसानों की मांगों को लेकर पैरवी कर रहे हैं।

अब जुलाना विधायक अमरजीत ढांडा व नारनौंद विधायक रामकुमार गौतम ने किसान आंदोलन का समर्थन किया है।

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जुलाना विधायक अमरजीत ढांडा ने कहा कि वे एक किसान के बेटे हैं, इसलिए किसानों के साथ खड़ा हैं। हमारा अन्नदाता, सभी का पेट पालता हैं।

इसलिए केंद्र सरकार को उनकी बात माननी चाहिए। जजपा विधायक ने कहा किसान आंदोलन में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान से और अन्य सभी राज्यों से आये किसानों की बात केंद्र सरकार को माननी चाहिए।

जुलाना विधानसभा क्षेत्र लगातार दो बार विधायक रहे भाजपा नेता, हरियाणा के पूर्व मंत्री एवं हरियाणा विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर कुलबीर सिंह मलिक ने आंदोलनरत किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि 3 कृषि कानून किसानों के लिए घातक है।

इन जिला पार्षदों ने दिया इस्तीफा

कृषि कानूनों के विरोध में प्रदेश में चार जिला पार्षदों ने इस्तीफा दिया है। इनमें भिवानी जिले के वार्ड नंबर-27 से पार्षद नरेंद्र राज, जींद जिले के वार्ड नंबर-16 से अमित और फतेहाबाद जिले के वार्ड नंबर 11 से रामचंद्र तथा वार्ड नंबर-12 से रामदास टिब्बी ने अपना इस्तीफा जिला उपायुक्त को भेजा है।

यह बोले नारनौंद विधायक

पिछले काफी दिनों से चुप्पी साधे बैठे नारनौंद से जेजेपी विधायक रामकुमार गौतम ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से उनकी मांगे पूरी करने की मांग की है।

विधायक रामकुमार गौतम ने कहा कि किसानों का जो आंदोलन चल रहा है, उस संबंध में प्रधानमंत्री मोदी को समय की नजाकत को देखते हुए फौरन तीनों कानून रद्द कर देने चाहिए।

हरियाणा सरकार के बारे में उन्होंने कहा कि विधानसभा का विशेष अधिवेशन बुलाकर हरियाणा सरकार की तरफ से तीनों कानून रद्द करने का प्रस्ताव केन्द्र को भेजना चाहिए।

कृषि कानूनों को लेकर फैलाया जा रहा है भ्रम

किसान आंदोलन के बीच दंगल गर्ल एवं भाजपा नेता बबीता फौगाट सरकार के पक्ष में खड़ी दिखाई दी। बबीबता ने कहा कि किसानों के बीच कृषि कानूनों को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है।

समय आने पर कृषि अध्यादेशों का किसानों को फायदा ही मिलेगा। बबीता ने दादरी के विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि वह राजनीति चमकाने के लिए ढोंग रच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक सोमबीर सांगवान ने विधानसभा में कृषि कानूनों का समर्थन किया, मगर अब दोगली बात कर रहे हैं।

हरियाणा के कृषि मंत्री ने फिर छोड़ा एसवाईएल का शिगूफा

हरियाणा के कृषि तथा किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने बाद एसवाईएल का शिगूफा छोड़ा है। उन्होंने आंदोलन में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों, संगठनों, प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से समर्थन करने वालों से अनुरोध किया है कि वे आंदोलन की मांग में यह लिखवा दें कि हरियाणा के लिए एसवाईएल नहर बननी चाहिए।

हरियाणा के किसान के लिए इस वक्त सबसे बड़ा मुद्दा सिंचाई के लिए पानी का है बाकी सारे मुद्दे उसके बाद आते हैं। उन्होंने कहा कि किसान के नाम पर सभी अपनी अपनी राजनीति कर रहे हैं, लेकिन हम किसान के बेटे हैं और किसान हितैषी फैसले लेते रहेंगे। अन्नदाता के सहयोग से उसके हित की बात जो भी करनी होगी, वो करेंगे।

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