रांची: पुलिस और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) सुप्रीमो दिनेश गोप के दस्ते के साथ गुरुवार को हुई मुठभेड़ में मारे गए उग्रवादी की पहचान सोनू कुमार के रूप में की गई है।
वह बिहार के नालंदा जिला का रहने वाला था।
जबकि मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार उग्रवादी ने अपना नाम फूलचंद मुंडा बताया है।
वह रांची जिले के लापुंग थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
एसपी अजय लिंडा ने शुक्रवार को बताया कि चाईबासा पुलिस और खूंटी जिला पुलिस तथा सीआरपीएफ 94 बटालियन के सोदे कैंप द्वारा चाईबासा और खूंटी जिला के सीमावर्ती क्षेत्र के गुदरी थाना क्षेत्र के बांदु गांव के जंगल -पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित पीएलएफआई संगठन के उग्रवादी दिनेश गोप के दस्ते के बीच मुठभेड़ हुई थी।
जिसमें सर्च के दौरान एक पीएलएफआई उग्रवादी मृत पाया गया । जबकि एक अन्य को गिरफ्तार किया गया है।
जंगल पहाड़ी क्षेत्र का फायदा उठाकर अन्य उग्रवादी भागने में सफल रहे हैं।
घटनास्थल से पुलिस ने तीन पिस्टल, सात मैगजीन, 49 जिंदा कारतूस, 16 खोखा, पांच वाकी टाकी, 27 मोबाइल, 10 पिठू, चार कंबल चार चटाई 4 बाइक पीएलएफआई का रसीद लेटर पैड डायरी और अन्य दस्तावेज बरामद किया गया है।
एसपी ने बताया कि इलाके में नक्सलियों और उग्रवादियों के खिलाफ सर्च अभियान जारी है।