NEW DELHI: अप्रैल को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा, जिसे लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। इस विधेयक को लेकर सियासी माहौल गरम हो चुका है, और संसद में जबरदस्त बहस की संभावना जताई जा रही है। सरकार इसे जल्द पारित कराने के पक्ष में है, जबकि विपक्षी दलों ने इस पर विस्तृत चर्चा की मांग की है।
बीजेपी ने सभी सांसदों को संसद में रहने का दिया आदेश
विधेयक को बिना किसी रुकावट के पारित कराने के लिए बीजेपी ने अपने लोकसभा सांसदों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। पार्टी के मुख्य सचेतक डॉ. संजय जयसवाल ने सभी सांसदों को अनिवार्य रूप से सदन में मौजूद रहने को कहा है।
पार्टी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोई सांसद अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
विपक्ष ने जताई नाराजगी, लंबी चर्चा की मांग
विपक्षी दलों ने विधेयक पर विस्तृत चर्चा की मांग की है। कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में विपक्ष ने 12 घंटे की बहस की मांग रखी थी, लेकिन सरकार 8 घंटे की चर्चा पर अड़ी रही। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद कई विपक्षी नेता बैठक से वॉकआउट कर गए।
संशोधित रूप में पेश होगा विधेयक
सरकार ने इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजा था, जहां कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए। अब सरकार संशोधित विधेयक को सदन में रखेगी और पास कराने की पूरी कोशिश करेगी।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू कल रखेंगे सरकार का पक्ष
विधेयक पर बहस के बाद, अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सरकार का पक्ष रखेंगे और विपक्ष के सवालों के जवाब देंगे। चर्चा पूरी होने के बाद, मतदान के जरिए विधेयक को पारित कराने की प्रक्रिया शुरू होगी।
संसद में गरमा सकता है माहौल
विपक्ष पहले ही इस विधेयक पर अपनी आपत्ति दर्ज करा चुका है, और कल संसद में हंगामे की पूरी संभावना है। ऐसे में देखना होगा कि सरकार इसे कितनी आसानी से पारित करा पाती है या फिर विपक्ष का विरोध किसी नई रणनीति को जन्म देगा।