लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद जगत प्रकाश (जेपी) नड्डा पहली बार लखनऊ के दो दिनी दौरे पर हैं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जब कभी वाद शब्द जुड़ता है तो ये लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करता है।
नड्डा के लखनऊ के दो दिवसीय दौरे का आज आखिरी दिन है।
इस दौरान बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जब कहीं वाद शब्द जुड़ता है, चाहे वो परिवारवाद हो या जातिवाद हो या कुछ और हो, वो हमेशा लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करता है।
लेकिन भाजपा का एक गौरवशाली अतीत है।
मोदी जी एक बात कहते हैं कि चुनाव जीतने के लिए कई मंत्र हो सकते हैं लेकिन एक मूलमंत्र है बूथ जीता, चुनाव जीता।
इसलिए आप सभी कार्यकर्ताओं, बूथ अध्यक्षों का स्वागत है।
उन्होंने कहा, लॉकडाउन के दौरान हमने इसे जनता की सेवा के माध्यम से आगे बढ़ाया है, ये बहुत अभिनन्दन पूर्ण है।
आज के समय में कोई ऐसा बूथ नही है जो शासन की योजनाओं की जानकारी से बचा हो।
उन्होंने कहा कि, आप चाहे बाई चांस आये हों, चाहे बाई डिफॉल्ट आए हों, लेकिन एक बात मैं सबको कहना चाहता हूं कि आप सही जगह आये हो। हमको अगर परिवर्तन लाना है तो आइडियोलॉजी के साथ चलना होगा।
सच्चाई हमेशा आगे बढ़ती है, वो लालच के साथ नहीं जुड़ती हैं।
नड्डा ने कहा, भगवान ने हमको ये आज मौका दिया कि हम मोदीजी के साथ जुड़कर देश प्रदेश का उत्थान करें।
देश में करीब 1500 राजनीतिक दल हैं, उसमें से कुछ दल राष्ट्रीय स्तर के हैं, कुछ क्षेत्रीय हैं, लेकिन जिसको भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में काम करने का मौका मिला है, उसे खुद को भाग्यशाली मानना चाहिए।
नड्डा व महामंत्री संगठन बी.एल. संतोष ने किसी होटल में ठहरने के बजाय पार्टी मुख्यालय में रात्रि विश्राम किया।
शुक्रवार को घने कोहरे के बीच भी नड्डा जियामऊ पहुंचे और भाजपा के नये राज्य मुख्यालय की जमीन का निरीक्षण करने के बाद विश्व संवाद केंद्र में आरएसएस के प्रचारकों के साथ बैठक की।
नड्डा के साथ संतोष समेत अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस बैठक में सरकार के कामकाज को परखा और मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड पर भी चर्चा की।
नड्ड़ा की मंत्रियों के साथ बैठक के बाद बदलाव के संकेत मिले हैं।
देरी से लखनऊ पहुंचने पर उनकी पहली दो बैठकें संगठन के दूसरे पदाधिकारियों ने ली।
संगठन के लिहाज से नड्डा का दौरा अहम बेहद अहम है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद वह राज्यों के प्रवास पर हैं और यूपी का दौरा भी इसी का हिस्सा है।