प्रोविडेंट फण्ड से जुड़े काम निपटेंगे आसानी से, लेबर मिनिस्‍ट्री का फैसला

News Aroma Media
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नई दिल्ली: लबोर  मिनिस्ट्री  ने अपने मंत्रालय के साथ-साथ 6  बड़े विभागों में ट्रांसफर/पोस्टिंग रोक दी है।

कोविड़-19 केस बढ़ने के कारण मिनिस्‍ट्री ने यह प्रक्रिया रोकी है। मिनिस्‍ट्री के आदेश की मानें तो ऐसा covid केस की तेजी से बढ़ती संख्‍या की रोकथाम के लिए किया गया है।

इन ट्रांसफर/पोस्टिंग में मिनिस्‍ट्री और दूसरे विभागों के हर cadre के अफसर और कर्मचारी शामिल हैं।

मिनिस्‍ट्री के मुताबिक ये ट्रांसफर/पोस्टिंग मौजूदा Guidelines के आधार पर होने थे लेकिन इन्‍हें 31 मई तक रोक दिया गया है।

ऐसे ट्रांसफर/पोस्टिंग तभी होंगे अगर विभाग में बड़ी जरूरत आ पड़ती है या फिर कोई प्रमोशन के बाद कोई Vacancy होती है।

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लेबर मिनिस्‍ट्री ने जिन विभागों को शामिल किया है, उनमें EPFO। ESIC, DGMS, DGFASLI, CLC (C) और Labour Bureau है।

लेबर मिनिस्‍ट्री के डायरेक्‍टर डॉ. महेंद्र कुमार के मुताबिक इस आदेश का Compliance मंत्रालय के सभी विभागों को मानना जरूरी है। यह Covid safety गाइडलाइंस के तहत किया है।

क्‍या है ईपीएफओ 

Provident Fund कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा (Financial security) देता है।

कंपनी और कर्मचारी दोनों अपनी सैलरी का 12 प्रतिशत भविष्य निधि (PF) में जमा करते हैं।

कर्मचारी का Contribution EPF में जमा होता है। वहीं, कंपनी का अंशदान दो हिस्‍सों में बांटकर जमा किया जाता है। इ

नमें 3.67% EPF में जाता है और दूसरा 8.33 फीसदी हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है।

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