पाकुड़: सरना धर्म कोड की मांग को लेकर ऑल इंडिया सरना धर्म कोड मंडवा के बैनर तले जिले के विभिन्न प्रखंडों में रविवार को सांकेतिक तौर पर चार घंटे तक रोड जाम किया गया।
फलस्वरूप जाम अवधि तक पाकुड़-दुमका-गोड्डा-साहिबगंज पथ पर आवागमन बाधित रहा। लिट्टीपाड़ा प्रखंड मुख्यालय में जाम का नेतृत्व कर रहे ऑल इंडिया सरना धर्म कोड मंडवा के अध्यक्ष जोसुलाल मुर्मू ने कहा कि भारत सरकार आदिवासियो की सात सूत्री मांगों को अविलंब पूरी करे।
अन्यथा हम आदिवासी सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा भारत के 15 करोड़ आदिवासियों के लिए सरना धर्म कोड जल्द लागू करे।
साथ ही झारखंड में हिंदी की जगह संथाली भाषा को राज्य की प्रथम राज्य भाषा दर्जा दिया जाए,1932 के खतियान के आधार पर डोमिसाइल लागू किया जाए, राज्य के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी सिधो कान्हू के वंशज रामेश्वर मुर्मू की हत्या की जांच सीबीआई से जल्द करायी जाय तथा सिधो कान्हू व बिरसा मुंडा ट्रस्ट को आर्थिक सहयोग करे।
आदिवासी सेंगेल अभियान के जिला संयोजक सोनातोन सोरेन के नेतृत्व में सेंगेल से जुड़े आदिवासियों ने महेशपुर प्रखंड के शहरग्राम चौक को जाम कर रखा था।फलस्वरूप घंटों आवागमन बाधित रहा।
सड़क जाम कार्यक्रम में पुरूषों के साथ ही महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल रहीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में बनेशर सोरेन, लुखी मरांडी व बाबूलाल मरांडी आदि ने अहम् भूमिका निभाई।