केन्द्र सरकार के तरफ से किसानों के ऊपर हो रही दो तरफा मार: रामेश्वर उरांव

News Aroma Media
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न्यूज़ अरोमा रांची: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने बढ़ती महंगाई को लेकर कहा कि मूल्य वृद्धि रोकना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन इस दिशा में कोई काम नहीं हो रहा है।

उरांव बुधवार को बरियातू स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें पिछले 70 वर्षों में बराबर हो गई।

पिछले 20 दिनों के अंदर गैस सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपये का वृद्धि करके केंद्र की सरकार ने अपना जन विरोधी चेहरा एक बार फिर से उजागर किया है।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतें 10 रुपये के नीचे तक चली गई थी।

वहीं भारत जैसे विकासशील देश में डीजल और पेट्रोल की कीमतें बराबर हो गई।

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एक तरफ किसान पूरे देश में आंदोलनरत हैं, किसानों में फूट डालने की कोशिश हो रही है।

किसान सड़कों पर उतर कर घर परिवार से दूर संघर्ष कर रहे हैं और सबको मालूम है कि डीजल की सबसे ज्यादा आवश्यकता किसानों को होती है।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के ऊपर दो तरफा मार हो रही है। कोरोना महामारी में एक तरफ जहां लोगों की आमदनी बिल्कुल शून्य हो चुकी है।

दूसरे देशों में उपभोक्ताओं को वहां की सरकार नगद पैसा दिया जा रहा है। वहीं हमारे देश में गैस की कीमतें बढ़ाकर हर घर को उन्हें परेशान किया जा रहा है।

कोरोना संकट में महंगाई बढ़ रही है। आमदनी नहीं के बराबर है। धंधा व्यापार ठप पड़े हुए हैं। ऐसे में मूल्यवृद्धि एक चिंता का विषय है। उरांव ने कहा कि संगठन केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों की कड़ी शब्दों में निंदा करती है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आह्वान करते हुए डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि किसान विरोधी एवं जन विरोधी सरकार के खिलाफ जनता के हितों में आंदोलन करने के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करें।

एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि किसानों को लेकर भाजपा का दिया जा रहा धरना पूरी तरह से छलावा है।

उन्होंने कहा कि आज राज्य में भाजपा विपक्ष में है। उनकी जिम्मेदारी है कि वह मुद्दों को जरूर रखें, लेकिन जो मुद्दे सामने ला रहे हैं वह सच्चाई से परे है। 16 साल भाजपा का शासन रहा है।

भाजपा अपने आंकड़ों को देखें तो पता चल जाएगा कि कानून व्यवस्था की स्थिति क्या रही है। लोगों को सामाजिक तौर पर जागरूक करने की जरूरत है।

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