देश की आन, बान और शान को बचाने के लिए कुर्बान हो गए एक ही परिवार के दो बेटे

News Aroma Media
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Abdul Majeed: शहादत गर्व से भर देती है लेकिन बिछड़ने का गम जिंदगीभर रहता है। ये दर्द तब और बढ़ जाता है जब एक ही परिवार से दो दो बेटे शहीद हो जाएं।

हाल ही में राजौरी में हुई आतंकियों से मुठभेड़ में अब्दुल माजिद (Abdul Majeed) शहीद हुए हैं। इससे पहले उनके भाई भी आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए थे। माजिद एक पैरा कमांडो थे।

उनका परिवार LOC पर जीरो-लाइन और सीमा बाड़ के बीच स्थित अजोट गांव में रहता है। माजिद की शहादत की खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। हालांकि, उन्हें अपने लाल की शहादत पर गर्व भी है।

माजिद के चाचा मोहम्मद युसुफ ने कहा की हमें कालाकोटे इलाके में आतंकवादियों से मुठभेड़ में माजिद की शहादत पर गर्व है। माजिद के भाई भी जम्मू कश्मीर लाइट इन्फेंट्री (JKLI) के सैनिक थे, जो वर्ष 2017 में पुंछ के एक इलाके में शहीद हुए थे।

हम देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने के लिए तैयार हैं। पैरा कमांडो (Para Commando) माजिद बुधवार को धर्मसाल बेल्ट के बाजीमल इलाके में आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन में शहीद हुए सैन्य कर्मियों में से एक थे।

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देश की आन, बान और शान को बचाने के लिए कुर्बान हो गए एक ही परिवार के दो बेटे - Two sons of the same family sacrificed their lives to save the country's pride and honour.

सेना में सेवा करना हमारे खून में

इस ऑपरेशन में अफगानिस्तान में प्रशिक्षित लश्कर-ए-तैयबा (LET) के एक शीर्ष कमांडर सहित दो आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया है।

सेना की जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंट्री (JKLI) से सिपाही पद से रिटायर हुए मोहम्मद यूसुफ (माजिद के चाचा) ने कहा कि हम देश की रक्षा के लिए एलओसी पर रहने वाले सैनिक परिवार से हैं।

उन्होंने कहा- हमारे परिवार के 30 से 40 सदस्य हैं, जो भारतीय सेना में सेवारत हैं या सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सेना में सेवा करना हमारे खून में है। मेरा बेटा भी सेना में सेवा कर रहा है।

एक सैनिक होने पर गर्व महसूस होता है। पाकिस्तान की बार-बार की नापाक हरकतों से नाराज पूर्व सैनिक ने पड़ोसी देश को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग की है, ताकि वे दोबारा ऐसा करने की हिम्मत न कर सकें।

वहीं, माजिद के परिवार के साथ खड़े होने और उसकी शहादत पर गर्व करने के लिए सैकड़ों लोग और रिश्तेदार माजिद के घर पहुंचे। माजिद की पत्नी ने कहा कि उन्होंने अगले कुछ दिनों में घर आने के बारे में बताया था लेकिन उनकी शहादत की खबर ने झकझोर कर रख दिया है।

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लांस नायक संजय बिष्ट शामिल ने दी अपना सर्वोच्च बलिदान दिया

माजिद की पत्नी ने कहा- अभी एक दिन पहले उसने मुझे फोन किया और कहा कि वह जल्द ही घर आएगा। मैंने कल उसे कई बार फोन किया लेकिन उसका मोबाइल बंद था। शाम को, सेना ने मुझे बताया कि वह एक मुठभेड़ में घायल हो गया है और अस्पताल में है।

फिर शहादत की खबर आई। सुनील कुमार शर्मा (नायब सरपंच अजोट गांव) ने कहा कि पूरे इलाके को माजिद पर गर्व है। उन्होंने कहा- हमारे बहादुर जवान ने कालाकोट में मुठभेड़ (Encounter) में शहादत हासिल की है।

देश की आन, बान और शान को बचाने के लिए कुर्बान हो गए एक ही परिवार के दो बेटे - Two sons of the same family sacrificed their lives to save the country's pride and honour.

पूरे क्षेत्र को उनकी शहादत पर गर्व है। पाकिस्तान यहां हर रोज शरारतें कर रहा है और निर्दोष लोगों की हत्या कर रहा है। पाकिस्तान को करारा जवाब दिया जाना चाहिए ताकि वे ऐसी हरकतें दोहराने की हिम्मत न कर सकें।

बता दें कि मुठभेड़ में शहीद होने वालों में कर्नाटक के रहने वाले 63 राष्ट्रीय राइफल्स के कैप्टन एमवी प्रांजल, उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले स्पेशल फोर्स के कैप्टन शुभम, पुंछ के रहने वाले स्पेशल फोर्स के हवलदार अब्दुल माजिद शामिल हैं। इसके अलावा जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के लांस नायक संजय बिष्ट (Lance Naik Sanjay Bisht) शामिल ने दी अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।

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