टनल में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए सेना ने संभाला मोर्चा

News Aroma Media
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Uttarkashi Silkyara Tunnel : उत्तरकाशी की सिल्क्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों (Laborers Trapped in Tunnel) को बाहर निकालने के लिए अब सेना पहाड़ पर मैनुअल ड्री‎लिंग करने जा रही है। इसके ‎लिए मशीनें लग गई हैं।

बता दें ‎कि 24 नवंबर से बंद पड़ा रेस्क्यू वर्क आज फिर शुरू होने जा रहा है। सुरंग में मैनुअल ड्रिलिंग के लिए सेना को तैनात ‎किया है।

दरअसल मजदूरों की लोकेशन से महज 10 मीटर पहले अमेरिकी ऑगर मशीन की ब्लेड्स (Blades) टूट गई थीं। इस वजह से रेस्क्यू रोकना पड़ा था। इसके बाद मशीन के बजाय मैनुअल ड्रिलिंग कराने का फैसला किया गया।

टनल में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए सेना ने संभाला मोर्चा - Army took charge to rescue 41 laborers trapped in the tunnel

होल कर नीचे जाने के लिए रास्ता बनाया जाएगा

मैनुअल ड्रिलिंग से पहले ऑगर मशीन के फंसे हुए शाफ्ट और ब्लेड्स (Shaft and Blades) को निकालना होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर मशीन के टुकड़े सावधानी से नहीं निकाले गए तो इससे सुरंग में बिछाई गई पाइपलाइन टूट सकती है।

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इसके हैदराबाद से प्लाज्मा कटर (Plasma cutter) मंगाया गया है। साथ ही टनल में फोन की लैंडलाइन भी डाली जाएगी। इससे मजदूर अपने परिवार से बात भी कर सकेंगे।

टनल में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए सेना ने संभाला मोर्चा - Army took charge to rescue 41 laborers trapped in the tunnel

इस बीच टनल के ऊपर से वर्टिकल ड्रिलिंग (Vertical Drilling) शुरू करने के किए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शाम तक इस पर काम शुरू हो सकता है। इस काम को सतलुज विद्युत निगम लिमिटेड (SVNL) अंजाम देगा। हालांकि, इसमें काफी खतरा बताया जा रहा है, क्योंकि नीचे टनल में मजदूर हैं।

ऊपर से बड़ा होल (Hole) कर नीचे जाने के लिए रास्ता बनाया जाएगा, इसमें काफी मलबा गिरने की आशंका है। इसमें भी कितना वक्त लगेगा, अभी तक यह तय नहीं है।

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