आरक्षण की मांग को लेकर रांची में वैश्य मोर्चा ने राजभवन के समक्ष दिया धरना, दिया बड़े आन्दोलन की चेतावनी

News Aroma Media
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न्यूज़ अरोमा रांची: पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने सहित अन्य मांगों को लेकर झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा ने सोमवार को राजभवन के समक्ष एक दिवसीय त्राहिमाम धरना दिया।

वैश्य मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु, कार्यकारी अध्यक्ष हीरानाथ साहु और रेखा मंडल के नेतृत्व में धरना दिया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रधान महासचिव बिरेन्द्र कुमार और इन्दुभूषण गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया।

धरना कार्यक्रम के बाद वैश्य मोर्चा की ओर से राज्यपाल को चार सूत्री मांग-पत्र सौंपा गया। राज्यपाल को सौपें गये मांग पत्र में कहा गया है कि पिछ्ले विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी तीनों पार्टियों ने कहा था कि उनकी सरकार बनेगी तो पिछड़ा वर्ग को 27प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा और पांच लाख नौकरी दी जाएगी।

लेकिन अफसोस की बात है कि अब तक कुछ नहीं किया गया है। ऊपर से वैश्य समाज के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है] जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। इस मामले में आप संज्ञान लें।

मौके पर वैश्य मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु ने कहा कि वैश्य समाज के लोग भी अलग राज्य की लड़ाई में शामिल थे। कईयों ने कुर्बानियां दी हैं, हमलोग भी जेल गये हैं। फिर आज वैश्य समाज की उपेक्षा क्यों की जा रही है।

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साहु ने कहा कि 27 प्रतिशत आरक्षण हमारा संवैधानिक अधिकार है। लेकिन राज्य सरकार हमारे अधिकार को छीन कर बैठी हुई है। अब ऐसा नहीं होने देंगे। राज्यपाल हमारी बातों को राज्य सरकार तक पहुंचाने का काम करें। नहीं तो और भी बड़ा आन्दोलन किया जाएगा।

वैश्य मोर्चा की कार्यकारी अध्यक्ष एवं शहीद मनींद्रनाथ मंडल की पत्नी रेखा मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कहते हैं कि आन्दोलनकारियों की सरकार है, लेकिन यहां आन्दोलनकारियों की ही उपेक्षा की जा रही है।

अब तक झारखंड के आन्दोलनकारी शहीदों की कोई खोज खबर नहीं ली जा रही है। धरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से वैश्य मोर्चा के वरीय उपाध्यक्ष रामसेवक प्रसाद, केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रमोद चौधरी, अजित प्रजापति, केंद्रीय महासचिव आदित्य नारायण प्रसाद, परशुराम प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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