मदरसा गिराने को लेकर विवाद के बाद भड़की हिंसा, 3 लोगों की मौत, उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश

पथराव के बीच लोगों ने JCB तोड़ दी और पुलिस की Jeep समेत कई वाहनों में आग लगा दी। हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में मलिक के बगीचे में अवैध मदरसा और धर्मस्थल ढहाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया।

News Aroma Media
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Haldwani violence: 8 फरवरी को उत्तराखंड (Uttarakhand) के हल्द्वानी में नगरनिगम ने एक अवैध मदरसा ढहा दिया। नमाज पढ़ने के लिए बनाई गई एक इमारत पर भी बुलडोजर चला दिया।

इसके बाद वहां हिंसा फैल गई। भीड़ ने पुलिस और निगम के अमले पर हमला कर दिया। बनभूलपुरा थाने को घेरा और पथराव किया।

हिंसा में 3 लोगों की मौत हो गई। 300 पुलिसकर्मी और निगम कर्मचारी घायल हैं। प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया है और दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश हैं। दंगाइयों की पहचान की जा रही है।

हल्द्वानी DM वंदना सिंह ने शुक्रवार को बताया कि अतिक्रमण हटाने से पहले ही टीम पर हमले की प्लानिंग कर ली गई थी। भीड़ ने पहले पत्थर फेंके, जिन्हें फोर्स ने तितर-बितर कर दिया। इसके बाद दूसरा जत्था आया और उसने पेट्रोल बम से हमला किया।

मदरसा गिराने को लेकर विवाद के बाद भड़की हिंसा, 3 लोगों की मौत, उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश

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महिला पुलिसकर्मी के मुताबिक, हम बहुत बचकर आए। बचने के लिए हम 15-20 लोग एक घर में घुस गए। लोगों ने पथराव किया, बोतलें फेंकीं। आग लगाने की कोशिश की। चारों तरफ, गलियों, छतों से पथराव हो रहा था। उन्होंने गलियां घेर ली थीं। जिसने हमें बचाया, उन लोगों ने उसे भी गालियां दीं, घर तोड़ दिया। हम लोगों ने फोन किया, लोकेशन भेजी, तब फोर्स आई तो हमें बाहर निकाला।

मदरसा गिराने को लेकर विवाद के बाद भड़की हिंसा, 3 लोगों की मौत, उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश

स्कूल-कॉलेज बंद

वंदना सिंह ने बताया कि स्कूल-कॉलेज बंद हैं। Paramilitary और PAC की कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। हमले की जानकारी देते हुए DM ने बताया कि भीड़ ने गाड़ियां और ट्रांसफॉर्मर फूंक दिए। साफ है कि हमले की योजना पहले से थी। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से शुरू की गई। ऐहतियातन फोर्स फोर्स तैनात की गई थी। हमारी टीम ने किसी को उकसाने का काम नहीं किया। किसी फोर्स का इस्तेमाल नहीं किया गया था।

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चौराहों-सड़कों को चौड़ा करने के लिए लिया जा रहा एक्शन

वंदना सिंह ने कहा, “हल्द्वानी के अलग-अलग इलाकों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। चौराहों-सड़कों को चौड़ा करने के लिए एक्शन लिया जा रहा है। लोगों को नोटिस दिए गए। एक समिति बनाई गई थी। कुछ लोग हाईकोर्ट भी गए। अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई किसी एक चीज को टारगेट करके नहीं की गई थी। हम लंबे समय से सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने का प्रयास कर रहे थे।”

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क्या है मामला

पुलिस सुरक्षा में नगर निगम की टीम बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे मलिक के बगीचे में बने अवैध मदरसे व धर्मस्थल को ढहाने के लिए पहुंची।  जेसीबी जैसे ही अवैध धर्मस्थल की ओर बढ़ी स्थानीय लोग भड़क गए और पथराव कर दिया। पुलिस और निगम की टीम तीनों ओर से घिर गई।

पथराव के बीच लोगों ने JCB तोड़ दी और पुलिस की Jeep समेत कई वाहनों में आग लगा दी। हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में मलिक के बगीचे में अवैध मदरसा और धर्मस्थल ढहाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। पथराव में सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, रामनगर कोतवाल समेत 300 से अधिक पुलिसकर्मी और निगमकर्मी घायल हो गए।

उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाना भी फूंक दिया। पुलिस की जीप, JCB , दमकल की गाड़ी दोपहिया समेत 70 से अधिक वाहन फूंक दिए गए। आंसू गैस के गोले दागने और लाठी चार्ज के बाद भी जब हालात काबू में नहीं आए, तो अधिकारी भाग कर अपनी जान बचाई। पुलिस व निगम टीम जैसे-तैसे वहां से निकली। प्रशासन ने उपद्रवियों को देखते ही पैर में गोली मारने का आदेश दिया है।

 

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