रांची में वैक्सीनेशन के बाद यह क्या हुआ… सिविल सर्जन ने क्यों जारी किया शोकॉज नोटिस

News Aroma Media
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रांची: कोरोना पैनडेमिक के बाद अब वैक्सिनेशन में तेजी आई है।

सरकारी ही नहीं निजी अस्पतालों को भी वैक्सीन लगाने की अनुमति मिल गई है।

लेकिन इसी बीच निजी अस्पतालों में वैक्सीनेशन को लेकर धांधली भी शुरू गई है। आलम ये है कि वैक्सिनेशन के दौरान होने वाली ट्रैकिंग और फिजिकल वेरिफिकेशन में भी लापरवाही होने लगी है।

निजी अस्पतालों में कोरोना टीकाकरण की अर्हता पूरा नहीं करने वालों की ट्रैकिंग में लापरवाही बरती जा रही है।

क्या है मामला

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अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों व अर्हता पूरी करने वालों को छोड़कर अन्य लोगों को भी टीका लगाया जा रहा है। सेवा सदन अस्पताल में ऐसा मामला देखने को मिला है।

अस्पताल प्रबंधन पर आरोप है कि जिला प्रशासन को भेजी गई सूची में ट्रस्ट के दूसरे सदस्यों को शामिल कर दिया गया है, जिससे अर्हता पूरी नहीं करने के बाद भी उन्हें टीका लगाया गया, जिन्हें टीका लगा वो अस्पताल की गवर्निंग बॉडी के सदस्य थे।

24 घंटे के भीतर जवाब मांगा

कोविन ऐप में इनका नाम शामिल होने के कारण जिला प्रशासन की ओर से तैनात कर्मचारियों की पकड़ में ये नहीं आए।

मामले की जानकारी होने पर सिविल सर्जन डॉ वीबी प्रसाद ने सेवा सदन अस्पताल को शोकॉज नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है।

रांची सिविल सर्जन डॉ विजय बिहारी प्रसाद ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन को शोकॉज नोटिस भेजते हुए उनसे जवाब तलब किया गया है।

यह गंभीर मामला है, वर्तमान में सिर्फ स्वास्थ्यकर्मियों को ही वैक्सीन लगाना है तो दूसरे सदस्यों को कैसे लगाई गई, इस पर कार्रवाई की जाएगी।

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