झारखंड में गुटखा पर पाबंदी लगाने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, उससे क्या फायदा हुआ है?

News Aroma Media
2 Min Read
#image_title

न्यूज़ अरोमा रांची: झारखंड में गुटखा बैन करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।

झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनहित याचिका की सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान राज्य के स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मौजूद थे।

अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि झारखंड में गुटखा पर पाबंदी लगाने के लिए जो कदम उठाए गए हैं ,उससे क्या फायदा हुआ है? वहीं अदालत ने यह भी पूछा कि पाबंदी के बाद भी राज्य में पान मसाला और जर्दा बिकता है।

इस पूरे मामले में अदालत ने 18 दिसंबर को अगली सुनवाई के लिए तिथि निर्धारित करते हुए सरकार से जवाब मांगा है।

- Advertisement -
sikkim-ad

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया कि सरकार के स्तर से कई प्रयास किए जा रहे हैं । अदालत ने केंद्र सरकार और फूड स्टैंडर्ड सेफ्टी ऑफ इंडिया को भी पार्टी बनाने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई के दिन प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

उल्लेखनीय है कि फरियाद फाउंडेश झारखंड में गुटका पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के लिए अदालत से जनहित याचिका दायर कर गुहार लगाई थी।

Share This Article