पटना: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान उनके काफिले पर हुए पथराव को लेकर केंद्र की ओर से राज्य के डीजीपी और मुख्य सचिव को तलब किए जाने के बाद, राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने पूछा कि केंद्र सरकार बिहार में कानून एवं व्यवस्था की दयनीय स्थिति पर आखिर कब संज्ञान लेगी।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता गगन ने बिहार में अपराध और अराजकता को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, यह पहला मौका होगा, जब किसी राज्य के मुख्यमंत्री ने एक महीने से भी कम समय में डीजीपी, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, एडीजी, आईजी और प्रत्येक जिले के एसपी के साथ कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा करने के लिए तीन बार बैठक की हैं।
उन्होंने कहा, एक के बाद एक बैठक के बावजूद, बिहार में एक दिन में औसतन चार से पांच हत्याओं, कई दुष्कर्म, लूट और झपटमारी (स्नैचिंग) की घटनाओं के साथ अपराध के मामले बढ़ रहे हैं।
अपराधियों का मनोबल ऊंचा है और पुलिस कुछ भी करने में असमर्थ है।
राजद प्रवक्ता ने कहा, विपक्षी दलों द्वारा बार-बार इशारा किए जाने के बावजूद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार मामलों का संज्ञान नहीं ले रही है।
यहां तक कि वह बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की बातों का भी संज्ञान नहीं ले रही है।
केंद्र को बिहार के राज्यपाल से रिपोर्ट मंगवानी चाहिए और डीजीपी व मुख्य सचिव से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए।
गगन ने कहा, मुख्यमंत्री अपने कंधों पर बहुत अधिक बोझ उठा रहे हैं और वह राज्य में कानून व्यवस्था पर उचित ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।
राजग में वरिष्ठ साथी के तौर पर भाजपा को चाहिए कि वह मुख्यमंत्री को गृह विभाग किसी और को आवंटित करने का निर्देश दे।