Odisha Train Accident : ट्रैक से बुलडोजर की मदद से हटाए जा रहे डिब्बे, घायलों की संख्या 1100 के करीब

दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी आदित्य कुमार चौधरी ने शनिवार को बताया कि ट्रैक को ठीक करने में पूरी टीम लगी हुई है। हम सभी काम कर रहे हैं

News Aroma Media
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Coromandel Train Accident: Odisha के बालासोर (Balasore) में शुक्रवार को हुई भीषण रेल दुर्घटना के बाद से लगातार मरम्मत का काम चल रहा है।

घटनास्थल पर अभी भी काम जारी है और जल्द यातायात बहाल करने की कोशिश की जा रही है।

ट्रेनों के मलबे और क्षतिग्रस्त डिब्बों (Damaged Coaches) को पटरी से हटाया जा रहा है।

अब तक 288 लोगों की इस हादसे में मौत हो गई है, जबकि 1100 के करीब घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मौत का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

 

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बचाव अभियान पूरा हो गया

दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी आदित्य कुमार चौधरी ने शनिवार को बताया कि ट्रैक को ठीक करने में पूरी टीम लगी हुई है। हम सभी काम कर रहे हैं।

जितना जल्दी हो सके हम यातायात बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं। रेलवे अधिकारी ने कहा कि बचाव अभियान पूरा हो गया है और अब मरम्मत का काम किया जा रहा है।

 

डिब्बे धंस गए जमीन में

क्षतिग्रस्त डिब्बों को पटरी से हटाने के लिए क्रेन और बुलडोजर (Bulldozer) की मदद ली जा रही है।

भीषण ट्रेन हादसे के कारण ट्रेन के डिब्बे जमीन में धंस गए हैं। साथ ही पटरी से मलबे को भी हटाया जा रहा है ताकि इस रेलवे लाइन को फिर से सुचारु किया जा सके।

फिलहाल हादसे के बाद कई ट्रेनों के रूट बदले गए हैं और कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।

 

घटनास्थल का लिया जायजा

कोलकाता (Kolkata) से करीब 250 किलोमीटर दक्षिण में बालासोर जिले के बहनागा बाजार स्टेशन के पास शुक्रवार शाम करीब 7 बजे ये भीषण हादसा हुआ था।

ये भारतीय रेल इतिहास का अब तक का चौथा सबसे भीषण हादसा है। इस दुर्घटना में कोरोमंडल एक्सप्रेस पटरी से उतरने के बाद मालगाड़ी से टकरा गई थी।

इसके बाद इस ट्रेन के कई डिब्बे बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस (Bangalore-Howrah Express) से भी जा टकराए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शनिवार को बालासोर के अस्पताल में पीड़ितों से मिलने पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने घटनास्थल का भी जायजा लिया।

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