श्रद्धा हत्याकांड में पुलिस को मिले अहम सबूत, मामले में आया नया मोड़

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नई दिल्ली: अफताब (Aftab) द्वारा अपनी प्रेमिका श्रद्धा की बेरहमी से हत्या का मामला (Shraddha Murder Case) काफी सुर्खियों में है।

दिल्ली के महरौली में लिव इन रिलेशन (Live in relation) में रह रही युवती श्रद्धा वाकर (26) की हत्या के मामले में पुलिस को कुछ अहम सबूत मिले हैं जिससे इस मामले में नया मोड़ आ गया है।

मिली जानकारी के अनुसार श्रद्धा और आरोपी युवक आफताब अमीन पूनावाला (28) मिलकर शराब, सिगरेट का नशा करते थे, पुलिस को ऐसे कई सबूत मिले हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि यह आपस में शादी नहीं करना चाहते थे, इनमें नशा करने के बाद झगड़ा होता था। वारदात वाले दिन भी श्रद्धा ने नशे में बर्तन फेंककर आफताब को मारना शुरू कर दिया था।

इससे गुस्साए आफताब ने श्रद्धा की हत्या कर दी। साजिश के तहत आरोपी आफताब ने श्रद्धा के शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाया। शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी ने क्राइम पेट्रोल और अंग्रेजी फिल्में (English Movies) देखीं।

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अगर परिवार वाले आफताब और श्रद्धा (Aftab and Shraddha) को वापस लाने की कोशिश करते तो शायद यह हत्याकांड नहीं होता। दोनों ही के परिजनों ने इनको छोड़ दिया था।

Shraddha Murder Case

श्रद्धा के चेहरे को जला दिया था पूरी तरह से

पुलिस पूछताछ में आरोपी युवक आफताब अमीन पूनावाला (28) ने श्रद्धा के शव के टुकड़े चार जगह पर डाले थे। पुलिस को श्मशान घाट रोड नाले के पास कूल्हे का एक पार्ट मिला है, सिर्फ इस पार्ट से पता लग रहा है कि यह इंसान का है और महिला का है।

आरोपी ने श्रद्धा के शव को कई टुकड़ों को जलाया था।आरोपी ने श्रद्धा के चेहरे को पूरी तरह से जला दिया था। इसके लिए आरोपी जलाने वाली टॉर्च खरीद कर लाया था।

जंगल से हड्डियों के रूप में मिल रहे शव के टुकड़ों से यह पता नहीं लग रहा है कि यह इंसान का हैं या जानवर का हैं, इसकी जांच के लिए पुलिस फॉरेंसिक जांच कराएगी।

Shraddha Murder Case

अफताब जेल में कड़ी सुरक्षा में

पुलिस महरौली थाने के Lockup में बंद आफताब पर 24 घंटे नजर बनाए रखी है। उसकी सुरक्षा में दो से तीन पुलिसकर्मी लगे रहे जो हर पल उस पर नजर रख रहे थे।

हथियार अभी तक नहीं हुआ बरामद

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) सूत्रों के अनुसार, श्रद्धा के शरीर के अंगों को काटने के लिए केवल एक हथियार का इस्तेमाल किया गया था।

आफताब ने शरीर के अंगों को काटने के लिए एक मिनी आरी का इस्तेमाल किया था। लेकिन मिनी आरी अभी तक बरामद नहीं हुई है।

Shraddha Murder Case

श्रद्धा के फोन की पुलिस को तलाश

इसके अलावा, आफताब ने श्रद्धा का फोन फेंक दिया, फोन की आखिरी लोकेशन ट्रेस (Location Trace) की जा रही है ताकि उसे बरामद किया जा सके। पुलिस श्रद्धा के शव को टुकड़ों में काटने के लिए इस्तेमाल किए गए हथियार की तलाश कर रही है।

आफताब के अन्य साथियों की पुलिस को तलाश

दिल्ली पुलिस आफताब के अन्य साथियों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। आफताब के सोशल मीडिया अकाउंट (Social Media Accounts) को खंगाला जा रहा है।

उनके पिछले संबंधों का विश्लेषण किया जा रहा है। श्रद्धा के साथ संबंध होने से पहले उसके चार दोस्तों से संपर्क किया जाएगा।

पुलिस ने आफताब के प्रोफाइल (Profile) की जानकारी बम्बल से मांगी है जिससे उन महिलाओं का विवरण मिल सके जो आफताब के घर उस समय उससे मिलने आई जब श्रद्धा के शव के टुकड़े फ्रिज में रखे थे। पुलिस को आशंका है कि कहीं इनमें से कोई महिला हत्या के पीछे का कारण तो नहीं है।

Shraddha Murder Case

शव के टुकड़ों को रखा फ्रिज में

आपको बता दें कि युवक आफताब अमीन पूनावाला (28) ने सहमति संबंधों में रह रही युवती श्रृद्धा वाकर (26) की हत्या कर उसके शव के करीब 35 टुकड़े कर दिए। उसने शव (Dead Body) के टुकड़े घर के बाथरूम में किए और टुकड़ों को धोकर पॉलिथीन में पैक कर फ्रीज में रख दिया।

22 दिनों तक शव के साथ रहा घर में

वह पिट्टू बैग (Pittu Bag) में शव एक टुकड़े को रखता था और जंगल में फेंक कर आता। इस तरह वह करीब 22 दिन शव के टुकड़ों को फेंकता रहा। वह 22 दिनों तक शव के साथ घर में रहा। वह हर रात दो बजे टुकड़ों को महरौली के जंगलों में फेंकने जाता था।

क्राइम पेट्रोल देख कर आया आईडिया

महरौली पुलिस ने करीब छह महीने बाद जब आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है तो उसने ये सनसनीखेज खुलासा (Sensational Revelation) किया। पुलिस ने युवती के शव को करीब 13 टुकड़े (सिर्फ हड्डियां बची हैं) को बरामद कर लिया है

आरोपी युवक का कहना है कि दोनों एक-दूसरे पर संदेह करते थे। उसे शव को ठिकाने लगाने का Idea विदेशी क्राइम सीरियल डेक्सटर से आया था।

Shraddha Murder Case

इस बयान के बाद यह सवाल भी खड़ा हो रहा है की क्राइम पेट्रोल (Crime Patrol) जैसे सीरीज लोगों को सावधान करने के लिए बनाए जाते हैं या फिर उनको अपराध करने की दिशा दिखाने के लिए।

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