फेक न्यूज फैलाने के आरोप में Zee News के एंकर को उठा ले गई पुलिस

Central Desk
3 Min Read

गाजियाबाद: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Congress MP Rahul Gandhi) के बारे में फेक न्यूज फैलाने के आरोप और जी न्यूज (Zee News) के एंकर रोहित रंजन (Anchor Rohit Ranjan) को हिरासत में लेने के लिए मंगलवार को छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश पुलिस आपस मे भिड़ गईं।

दोनों के बीच जमकर छीना-झपटी हुई लेकिन सफलता उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले की पुलिस को मिली, जिसने रोहित रंजन को हिरासत में ले लिया।

दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने जी न्यूज के एंकर रोहित रंजन (Zee News anchor Rohit Ranjan) के खिलाफ राहुल गांधी का एक फेक वीडियो चलाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।

रोहित को छत्तीसगढ़ पुलिस कोर्ट के वारंट पर मंगलवार को इंदिरापुरम (जनपद गाजियाबाद) में उनके घर पर गिरफ्तार करने आई थी। इस पर एंकर ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और स्थानीय प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी।

रोहित रंजन ने मंगलवार सुबह ट्वीट किया कि बिना लोकल पुलिस को सूचना दिए छत्तीसगढ़ पुलिस उनके घर के बाहर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए खड़ी है।

- Advertisement -
sikkim-ad

फेक न्यूज फैलाने के आरोप में Zee News के एंकर को उठा ले गई पुलिस

रोहित रंजन के ट्वीट का जवाब दिया

उन्होंने कहा कि क्या ये कानूनन सही है। रोहित ने यह ट्वीट यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गाजियाबाद के एसएसपी और एडीजी जोन लखनऊ को टैग भी किया है।

इसके बाद उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले की पुलिस सक्रिय हो गयी और तत्काल मौके पर पहुंच गई। वहां पर छत्तीसगढ़ पुलिस और उप्र पुलिस में रोहित को गिरफ्तार करने के लिए छीना-झपटी का माहौल बन गया, लेकिन उप्र पुलिस ने रोहित को हिरासत में ले लिया। हालांकि ज़ी न्यूज ने सामग्री वापस ले ली और सार्वजनिक माफी भी जारी की थी

उधर, गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि गाजियाबाद पुलिस को जब इस बात की जानकारी मिली कि छत्तीसगढ़ पुलिस एंकर रोहित रंजन को गिरफ्तार करने इंदिरापुरम पहुंची है तो उन्होंने रोहित रंजन (Rohit Ranjan) के ट्वीट का जवाब दिया।

गाजियाबाद पुलिस ने ट्वीट करते हुए लिखा कि प्रकरण स्थानीय पुलिस के संज्ञान में है, उत्तर प्रदेश के थाना इंदिरापुरम की पुलिस मौके पर है, नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

छत्तीसगढ़ पुलिस ने रोहित रंजन के ट्वीट के बाद ट्वीट किया, जिसमें कहा गया कि सूचित करने के लिए ऐसा कोई नियम नहीं है। फिर भी, अब उन्हें सूचित किया जाता है। पुलिस टीम ने आपको कोर्ट का गिरफ्तारी वारंट (court arrest warrant)  दिखाया है।

Share This Article